एक पेट्रोल पंप कर्मचारी ने बताया कि पिछले करीब डेढ़ महीने से सप्लाई प्रभावित हो रही है। हालांकि उनका कहना है कि असली समस्या ईंधन की कमी से ज्यादा अचानक बढ़ रही भीड़ और ज्यादा खरीदारी की वजह से पैदा हो रही है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि डीजल की कमी का असर खेती-किसानी पर भी पड़ रहा है। बुवाई का मौसम चल रहा है और ऐसे समय में डीजल की उपलब्धता कम होने से कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
वहीं प्रशासन का कहना है कि जिले में ईंधन की कोई वास्तविक कमी नहीं है। अधिकारियों के अनुसार, लोगों द्वारा जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने यानी ‘पैनिक बाइंग’ के कारण यह स्थिति बन रही है।
अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और सामान्य तरीके से ईंधन खरीदने की अपील की है ताकि स्थिति को नियंत्रित रखा जा सके।
Author: JAN TV Editorial Team
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