धर्मशाला, जो राज्य का प्रशासनिक मुख्यालय होने के साथ-साथ निर्वासित तिब्बती सरकार का भी केंद्र है, लंबे समय से तिब्बती संस्कृति को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है।
गुरुवार को शुरू हुए इस उत्सव का उद्घाटन निर्वासित तिब्बती सरकार के राष्ट्रपति पेनपा त्सेरिंग ने किया। कार्यक्रम में देशभर से विद्वान, पर्यटक और तिब्बती समुदाय के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।
उद्घाटन अवसर पर पेनपा त्सेरिंग ने तिब्बती इतिहास और संस्कृति को खासकर युवा पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी भारत और तिब्बत के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों से पूरी तरह परिचित नहीं है, जिसे समझना बेहद जरूरी है।
इस उत्सव के दौरान तिब्बती कला, संस्कृति, परंपराएं और इतिहास से जुड़ी विभिन्न प्रस्तुतियां और प्रदर्शनियां देखने को मिलेंगी। आयोजन का समापन शनिवार को किया जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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