एवरेस्ट दिवस पर तेनजिंग नोर्गे को भारत रत्न देने की मांग फिर उठी
(WESTBENGAL, WESTBENGAL) एवरेस्ट दिवस के अवसर पर शेरपा समुदाय और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने महान पर्वतारोही Tenzing Norgay को मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किए जाने की मांग एक बार फिर उठाई है।

29 मई 1953 को तेनजिंग नोर्गे और Edmund Hillary ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी Mount Everest पर सफलतापूर्वक पहुंचकर इतिहास रच दिया था। उनकी इस उपलब्धि की याद में हर वर्ष ‘एवरेस्ट दिवस’ मनाया जाता है।

पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में एवरेस्ट दिवस की 73वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शेरपा समुदाय के लोगों, स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों और पर्वतारोहण प्रेमियों ने तेनजिंग नोर्गे की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि तेनजिंग नोर्गे का योगदान केवल पर्वतारोहण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने साहस, दृढ़ संकल्प और मानवीय उपलब्धियों का नया मानदंड स्थापित किया। इसी कारण उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया जाना चाहिए।

आयोजकों ने बताया कि वे पश्चिम बंगाल सरकार से आग्रह करेंगे कि इस मांग को केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाए, ताकि तेनजिंग नोर्गे को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित करने पर विचार किया जा सके।

Author: JAN TV Editorial Team

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