पदभार ग्रहण करने के बाद जनरल सुब्रमणि ने कहा कि सशस्त्र बलों में संगठनात्मक सुधार, तीनों सेनाओं के बीच बेहतर समन्वय और सैन्य एकीकरण उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होंगे। उन्होंने स्वदेशी रक्षा उपकरणों और हथियार प्रणालियों के विकास तथा उनके तेज़ी से समावेशन पर भी जोर दिया।
नए CDS के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी सेना, नौसेना और वायुसेना के लिए एकीकृत सैन्य कमान व्यवस्था यानी ‘थिएटराइजेशन’ मॉडल को आगे बढ़ाना होगा। इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है।
40 वर्षों से अधिक लंबे सैन्य करियर वाले जनरल सुब्रमणि इससे पहले राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्यरत थे। वह 31 जुलाई 2025 को थलसेना के उप प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
अपने करियर के दौरान उन्होंने जम्मू-कश्मीर, असम और अन्य चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने भारतीय सेना की प्रमुख स्ट्राइक कोर सहित कई महत्वपूर्ण कमानों की जिम्मेदारी संभाली है।
राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के पूर्व छात्र जनरल सुब्रमणि को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए परम विशिष्ट सेवा पदक, अति विशिष्ट सेवा पदक, सेना पदक और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है।
Author: JAN TV Editorial Team
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