अर्थशास्त्रियों के अनुसार, बढ़ती महंगाई, ऊंची कच्चे तेल की कीमतें और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव केंद्रीय बैंक के लिए प्रमुख चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे में RBI फिलहाल 'वेट एंड वॉच' की रणनीति अपनाते हुए ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं कर सकता।
भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी का कहना है कि दरों को स्थिर रखने से आर्थिक वृद्धि को समर्थन मिलेगा और नीति निर्माताओं को महंगाई तथा विकास दर के रुझानों का बेहतर आकलन करने का समय मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और वैश्विक तनाव बढ़ता है, तो आने वाले महीनों में RBI को सख्त रुख अपनाने पर भी विचार करना पड़ सकता है। फिलहाल बाजार की नजर RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता वाली मौद्रिक नीति समिति के फैसले पर टिकी हुई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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