इस योजना के तहत दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत उन ट्रक और बस मालिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनके वाहन बीएस-4 या उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले हैं, ताकि वे उन्हें बीएस-6 या इलेक्ट्रिक वाहनों से बदल सकें। यह योजना दो साल के लिए लागू की गई है और इसमें पुराने वाहनों को हटाने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन भी शामिल हैं।
योजना के तहत सरकार वाहन मालिकों को कई तरह की सुविधाएं देगी, जिनमें पांच साल तक 5 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी, वाहन श्रेणी के अनुसार 4,800 रुपये तक के मासिक ईंधन वाउचर और इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने पर अतिरिक्त लाभ शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे लगभग दो लाख से अधिक वाहन मालिकों को फायदा मिलेगा, जिनमें बड़ी संख्या ट्रक मालिकों की है।
पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम प्रदूषण के सबसे बड़े स्रोत—परिवहन क्षेत्र—को स्वच्छ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि योजना की सफलता इसके प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी पर निर्भर करेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सही तरीके से लागू होती है, तो सर्दियों में बढ़ने वाले प्रदूषण स्तर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए तकनीक, निगरानी और विभागीय समन्वय को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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