गृह मंत्रालय ने सबसे उपयुक्त एंटी-ड्रोन तकनीक का परीक्षण करने के लिए BSF के तहत एक विशेष समिति बनाई है, जबकि CISF, DRDO, IB, AAI और BSF के अधिकारियों की संयुक्त टीम देशभर के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों का सुरक्षा आकलन कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर तय किया जाएगा कि किस स्थान पर कौन-सा एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाया जाएगा।
तमिलनाडु के वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट पर पहले ही आधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया जा चुका है, जो रडार और रेडियो फ्रीक्वेंसी तकनीक की मदद से संदिग्ध ड्रोन की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम है। सरकार का उद्देश्य भविष्य के संभावित ड्रोन खतरों से रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा को और मजबूत करना है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।