आयुष मंत्रालय की इस पहल में आयुष विभाग के अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन के प्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य योग को जन-जन तक पहुंचाने के साथ-साथ गंगा नदी के संरक्षण और पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करना भी रहा।
'गंगोत्री से गंगासागर' योग यात्रा के तहत गंगा नदी के किनारे स्थित प्रमुख घाटों पर लगातार योग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान गंगोत्री से शुरू होकर गंगासागर तक पहुंचेगा, जहां विभिन्न स्थानों पर सामुदायिक योग कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है।
आयुष मंत्रालय का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देना, गंगा की सांस्कृतिक विरासत के प्रति लोगों को जोड़ना और पर्यावरण संरक्षण में सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना है।
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वर्ष 2014 में भारत के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। इस वर्ष पूरी दुनिया 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का 12वां संस्करण मनाएगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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