शुक्रवार को अयोध्या जिले के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में 378 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 126 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे मुख्यमंत्री ने वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा का भी अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय नायकों और वीरांगनाओं को सम्मान देने से देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना मजबूत होती है।
राम मंदिर से जुड़े विवाद पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मंदिर ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी का गठन किया गया है और जांच निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, "एसआईटी गठित हुई है। दूध का दूध और पानी का पानी होगा। मेरी सभी संबंधित लोगों से अपील है कि एसआईटी की रिपोर्ट आने तक कोई बयानबाजी कतई न करें। बीच-बीच में दिए जाने वाले बयान जांच को प्रभावित कर सकते हैं। जांच पूरी होने दें, उसके बाद यदि किसी पक्ष को कुछ कहना होगा तो एसआईटी उसके लिए तैयार होगी।"
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कोई भी ऐसी अनर्गल टिप्पणी या बयान न दिया जाए जिससे करोड़ों रामभक्तों की भावनाएं आहत हों। उन्होंने दोहराया कि यदि किसी व्यक्ति के पास इस मामले से जुड़ा कोई प्रमाण या दस्तावेज है तो उसे सार्वजनिक बहस का विषय बनाने के बजाय जांच एजेंसी को सौंपना चाहिए।
राम मंदिर में दान राशि और वित्तीय प्रबंधन से जुड़े आरोपों की जांच फिलहाल एसआईटी कर रही है। मुख्यमंत्री की इस अपील को जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाए रखने और विवाद को अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग देने से रोकने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।