लखनऊ कोचिंग अग्निकांड: 15 मौतों के बाद SIT एक्शन में, अवैध बिल्डिंग और सिस्टम की लापरवाही बेनकाब
(India) लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग बिल्डिंग में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग घायल हैं। मंगलवार सुबह एसआईटी और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय एसआईटी में एडीजी प्रवीण कुमार और अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात शामिल हैं, जिन्हें सात दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है।

जांच में सामने आया है कि जिस इमारत में आग लगी, वह अवैध निर्माण थी। वर्ष 2016 में इसे गिराने का आदेश जारी हुआ था, लेकिन महज दो महीने बाद यह आदेश वापस ले लिया गया। इमारत का नक्शा आवासीय उपयोग के लिए पास हुआ था, जबकि बाद में इसे व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल किया जाने लगा। नगर निगम 2022 से इस पर कमर्शियल टैक्स भी वसूल रहा था। अब बिल्डिंग मालिक को नोटिस जारी कर 15 दिन में जवाब मांगा गया है, जिसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।

पुलिस जांच के अनुसार बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इमरजेंसी एग्जिट, धुआं निकालने की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की गंभीर अनदेखी की गई थी। आग लगने के बाद राहत दलों को दीवारें तोड़कर अंदर प्रवेश करना पड़ा। हादसे के वक्त छत का दरवाजा भी बंद था, जिससे कई लोग बाहर नहीं निकल सके और दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

पुलिस ने बिल्डिंग मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, पेट शॉप संचालक रामकृष्ण उपाध्याय, मैनेजर तूशॉक कृष्णा जायसवाल और सुरेश कुमार साहू समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और स्पष्ट कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी अधिकारी या जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण के चार अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि भवन को अनुमति देने वाले 16 अधिकारियों पर भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।

इस हादसे में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और हरियाणा के कुल 15 लोगों की जान गई है। पोस्टमॉर्टम के बाद अधिकांश शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। कई परिवारों का दर्द और घटनास्थल से सामने आई लापरवाहियों ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

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