S&P का बड़ा अनुमान: 2026-27 में भारत की GDP ग्रोथ घटकर 6.6% रह सकती है
(India) वैश्विक रेटिंग एजेंसी एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर बड़ा अनुमान जारी किया है। एजेंसी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर घटकर 6.6 प्रतिशत रह सकती है। इसके पीछे ऊर्जा संकट, सामान्य से कम मानसून और वैश्विक आर्थिक सुस्ती को प्रमुख कारण बताया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2025-26 में 7.7 प्रतिशत और 2024-25 में 7.1 प्रतिशत रही थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में विकास की रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना है। एसएंडपी का यह अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 6.6 प्रतिशत के अनुमान के अनुरूप है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अल नीनो के प्रभाव से मानसून कमजोर रहने की आशंका है। 22 जून तक देश में बारिश की कमी 43 प्रतिशत दर्ज की गई है। इससे कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है और सरकार ने राज्यों के लिए वैकल्पिक फसलों की योजना तैयार की है।

एसएंडपी ने यह भी कहा कि भारत अपनी 88 प्रतिशत कच्चे तेल की जरूरत आयात करता है। ऐसे में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और ऊर्जा संकट के कारण तेल की कीमतें बढ़ने से आयात बिल और महंगाई दोनों पर दबाव बढ़ेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, उद्योगों की उत्पादन लागत बढ़ रही है, उर्वरकों की कीमतें भी ऊंची बनी हुई हैं, जिससे खाद्य उत्पादन और खाद्य महंगाई प्रभावित हो सकती है। एजेंसी का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष में उपभोक्ता महंगाई बढ़कर 5.1 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जबकि तीसरी तिमाही में महंगाई 0.5 से 0.6 प्रतिशत तक अधिक रहने की संभावना है।

एसएंडपी का मानना है कि बढ़ती लागत का बोझ कंपनियां उपभोक्ताओं पर डाल रही हैं। हाल में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में हुई बढ़ोतरी भी महंगाई को बढ़ा सकती है।

रिपोर्ट में यह भी संकेत दिया गया है कि यदि महंगाई का दबाव बना रहता है, तो वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी छमाही में RBI रेपो रेट में बढ़ोतरी कर सकता है। हालांकि, एजेंसी का कहना है कि एआई आधारित तकनीकी निर्यात और वैश्विक गतिविधियों में सुधार भविष्य में अर्थव्यवस्था को कुछ राहत दे सकते हैं।

Author: JAN TV Editorial Team

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