पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि E20 ईंधन के उपयोग से बीमा अमान्य होने के दावे पूरी तरह गलत हैं। मंत्रालय के अनुसार, इस विषय पर संबंधित हितधारकों से चर्चा की गई थी और यह स्पष्ट हो गया कि ऐसी आशंकाओं का कोई आधार नहीं है।
सरकार ने कहा कि एथेनॉल मिश्रण दुनिया भर में अपनाई गई एक सफल व्यवस्था है। अमेरिका, ब्राजील और जापान जैसे कई देश लंबे समय से इसका उपयोग कर रहे हैं। खास तौर पर ब्राजील में E27 (27 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण) मानक पेट्रोल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
सरकार के मुताबिक, एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम से भारत के कच्चे तेल के आयात में कमी आई है, जिससे अब तक 1.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा की बचत हुई है।
मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस कार्यक्रम से गन्ना और अन्य कृषि उत्पादों की मांग बढ़ी है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि हुई है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने, कार्बन उत्सर्जन कम करने और स्वच्छ परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सरकार ने दोहराया कि वह वैज्ञानिक तथ्यों और सभी हितधारकों के साथ संवाद के आधार पर इस कार्यक्रम को सुरक्षित, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।
Author: JAN TV Editorial Team
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