SEBI के नए सर्कुलर के अनुसार, जो कर्मचारी केवल सेल्स, क्लाइंट रिलेशन या अन्य गैर-कोर सेवाओं से जुड़े हैं और सीधे निवेश संबंधी सलाह नहीं देते, उन्हें अब NISM Series-XXV-B परीक्षा पास करनी होगी। इससे पहले इन कर्मचारियों पर भी अपेक्षाकृत कठिन सर्टिफिकेशन आवश्यकताएं लागू थीं।
हालांकि, जो कर्मचारी सीधे निवेश सलाह (Investment Advice) देने के कार्य में शामिल हैं, उनके लिए पहले की तरह NISM Series-X-A (Level-1) और NISM Series-X-B (Level-2) सर्टिफिकेशन अनिवार्य रहेगा।
SEBI का कहना है कि बाजार सहभागियों से मिले सुझावों के आधार पर यह बदलाव किया गया है, जिससे निवेश सलाहकार कंपनियों पर अनुपालन (Compliance) का बोझ कम होगा, जबकि कर्मचारियों की पेशेवर योग्यता और आवश्यक ज्ञान भी सुनिश्चित रहेगा। यह नया नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
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