जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, घरेलू लेन-देन से सकल GST संग्रह 6.5 प्रतिशत बढ़कर करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें 37,376 करोड़ रुपये CGST, 45,116 करोड़ रुपये SGST और 52,282 करोड़ रुपये IGST शामिल हैं।
वहीं, आयात से प्राप्त GST राजस्व में सबसे तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। जून में आयात से कर संग्रह 34.6 प्रतिशत बढ़कर 60,038 करोड़ रुपये हो गया, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत आयात गतिविधियों का संकेत देता है।
सरकार ने जून में 32,436 करोड़ रुपये का GST रिफंड जारी किया, जो पिछले साल की तुलना में 29.1 प्रतिशत अधिक है। रिफंड समायोजित करने के बाद शुद्ध GST संग्रह 11.2 प्रतिशत बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा।
विशेषज्ञों का कहना है कि GST संग्रह अब लगातार ऊंचे स्तर पर स्थिर होता दिखाई दे रहा है। एकेएम ग्लोबल के अप्रत्यक्ष कर प्रमुख इकेश नागपाल के अनुसार, आयात से राजस्व में 34.6 प्रतिशत की वृद्धि घरेलू संग्रह की तुलना में काफी अधिक रही, जो अर्थव्यवस्था में मजबूत मांग का संकेत है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में कुल सकल GST संग्रह 8.4 प्रतिशत बढ़कर करीब 6.32 लाख करोड़ रुपये रहा। इस दौरान घरेलू लेन-देन से 2.8 प्रतिशत और आयात से 26.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
डेलॉयट इंडिया के एम.एस. मणि ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद GST संग्रह का दो लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंचना भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है। वहीं EY इंडिया के सौरभ अग्रवाल ने कहा कि बढ़ा हुआ GST रिफंड सरकार की कारोबारियों की कार्यशील पूंजी को समय पर उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता दिखाता है।
गौरतलब है कि 1 जुलाई 2017 को लागू हुई GST व्यवस्था ने 17 केंद्रीय और राज्य करों तथा 13 उपकरों को एकीकृत कर देश में एक समान अप्रत्यक्ष कर प्रणाली लागू की थी। इस वर्ष GST लागू होने के 9 साल पूरे हो गए हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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