आरबीआई के अनुसार, जुलाई 2026 के **'इन्फ्लेशन एक्सपेक्टेशंस सर्वे ऑफ हाउसहोल्ड्स'** का उद्देश्य 19 शहरों में परिवारों की महंगाई और कीमतों को लेकर धारणाओं का आकलन करना है। इस सर्वे में परिवारों से अगले तीन महीने और एक वर्ष के दौरान सामान्य कीमतों तथा विभिन्न उत्पाद समूहों की कीमतों में संभावित बदलाव को लेकर राय ली जाएगी। साथ ही मौजूदा, तीन महीने बाद और एक वर्ष बाद की संभावित महंगाई दर का भी अनुमान लिया जाएगा।
इसके अलावा, आरबीआई ने **जुलाई 2026 ग्रामीण उपभोक्ता विश्वास सर्वे** भी शुरू किया है। यह सर्वे 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की आर्थिक स्थिति, रोजगार, महंगाई, आय और खर्च को लेकर मौजूदा स्थिति तथा अगले एक वर्ष की अपेक्षाओं का आकलन करेगा।
केंद्रीय बैंक ने **शहरी उपभोक्ता विश्वास सर्वे** की भी घोषणा की है। यह सर्वे 19 शहरों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें परिवारों से देश की आर्थिक स्थिति, रोजगार, कीमतों के स्तर, आय और खर्च को लेकर उनकी राय और भविष्य की उम्मीदों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी।
आरबीआई ने कहा कि इन तीनों सर्वेक्षणों के नतीजे मौद्रिक नीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की अगली बैठक 3 से 5 अगस्त 2026 के बीच प्रस्तावित है, जिसमें ब्याज दरों सहित प्रमुख नीतिगत फैसलों पर विचार किया जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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