यह पहली बार होगा जब पूरी तरह किसी निजी भारतीय कंपनी द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया कक्षीय श्रेणी का रॉकेट भारतीय धरती से अंतरिक्ष की ओर उड़ान भरने का प्रयास करेगा।
स्काईरूट एयरोस्पेस ने बताया कि प्रक्षेपण के लिए आवश्यक हवाई और समुद्री सुरक्षा नोटिस (NOTAM और NAVAREA) जारी कर दिए गए हैं। साथ ही रॉकेट के उड़ान मार्ग और संभावित चरणों के गिरने वाले क्षेत्रों को भी औपचारिक रूप से प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया गया है।
स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पवन कुमार चांदना ने कहा कि कंपनी ने विक्रम-1 के सभी ज़मीनी परीक्षण पूरे कर लिए हैं और अब पहली वास्तविक उड़ान के प्रदर्शन को लेकर उत्साहित है। उन्होंने कहा कि यह परीक्षण उड़ान भविष्य के मिशनों के लिए महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध कराएगी और कंपनी के नियमित प्रक्षेपण कार्यक्रम की मजबूत नींव रखेगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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