कंपनी ने बताया कि बिजली की मजबूत मांग, अधिक परिचालन क्षमता और राजस्व में वृद्धि के कारण यह बेहतर प्रदर्शन संभव हुआ। पहली तिमाही में कंपनी का परिचालन राजस्व 28.08 प्रतिशत बढ़कर 17,550.43 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 13,702.94 करोड़ रुपये था।
अडाणी पावर के अनुसार, कर-पूर्व लाभ (PBT) भी करीब 50 प्रतिशत बढ़कर 6,300.49 करोड़ रुपये हो गया। इसके अलावा, जयप्रकाश पावर वेंचर्स लिमिटेड में हिस्सेदारी अधिग्रहण के बाद कंपनी को 117.69 करोड़ रुपये का लाभ भी मिला।
तिमाही के दौरान कंपनी की बिजली बिक्री 16.9 प्रतिशत बढ़कर 28.8 बिलियन यूनिट (BU) रही। वहीं, पीपीए (Power Purchase Agreement) के तहत बिजली बिक्री 30.3 प्रतिशत बढ़कर 24.5 बिलियन यूनिट पहुंच गई। बिजली की बढ़ती मांग के चलते टैरिफ प्राप्ति में भी सुधार दर्ज किया गया।
कंपनी की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता बढ़कर 18,330 मेगावाट हो गई है। साथ ही, निदेशक मंडल ने 15,000 करोड़ रुपये तक की पूंजी जुटाने और उधारी सीमा 75,000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1 लाख करोड़ रुपये करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। कंपनी ने कहा कि 45 गीगावाट उत्पादन क्षमता तक विस्तार की उसकी योजना तय कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ रही है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।