उन्होंने बताया कि नए पॉलिमर नोट विशेष प्रकार की सिंथेटिक प्लास्टिक फिल्म से बनाए जाएंगे, जो मौजूदा कागजी नोटों की तुलना में अधिक मजबूत, टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाले होंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से पॉलिमर नोटों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है।
आरबीआई गवर्नर के अनुसार, इन नोटों की शुरुआत कम मूल्य वर्ग के नोटों से किए जाने की संभावना है, क्योंकि इनका चलन सबसे अधिक होता है। यदि सभी तैयारियां तय समय पर पूरी होती हैं, तो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में इन्हें चलन में लाने का लक्ष्य है।
संजय मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई के भविष्य के ब्याज दर और मौद्रिक नीति से जुड़े सभी फैसले आर्थिक आंकड़ों के आधार पर लिए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि केंद्रीय बैंक का प्रमुख लक्ष्य मध्यम अवधि में खुदरा महंगाई को 4 प्रतिशत के लक्ष्य के अनुरूप बनाए रखना है।
उन्होंने विदेशी मुद्रा प्रवासी (बैंक) योजना पर कहा कि इसके तहत विदेशी पूंजी का प्रवाह मजबूत बना हुआ है और फिलहाल इस योजना को समय से पहले बंद करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक तनाव कम होने पर रुपया और मजबूत हो सकता है तथा आरबीआई विनिमय दर में स्थिरता बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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