राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि रिक्त पदों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई और व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रभावित नहीं होना चाहिए। सरकार का जोर तकनीकी संस्थानों में शिक्षण व्यवस्था मजबूत करने और छात्रों को आधुनिक तकनीक का व्यावहारिक ज्ञान उपलब्ध कराने पर है।
लखनऊ समेत चार जिलों के राजकीय आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में कुल 40 अनुदेशक पद रिक्त हैं। राजकीय गोविंद बल्लभ पंत पॉलिटेक्निक, मोहन रोड, लखनऊ में 7 पद और राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, बख्शी का तालाब में 23 पद खाली हैं। वहीं गोरखपुर के राजकीय आईटीआई/पॉलिटेक्निक में 9 और प्रतापगढ़ में 1 पद रिक्त है।
इन पदों पर योग्य अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है। स्थायी नियुक्ति होने तक वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं लेने का फैसला किया गया है, ताकि छात्रों की पढ़ाई और तकनीकी प्रशिक्षण जारी रहे।
योगी सरकार युवाओं को कौशल आधारित और रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने पर लगातार जोर दे रही है। आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में पर्याप्त अनुदेशक उपलब्ध होने से प्रयोगात्मक कक्षाओं, तकनीकी प्रशिक्षण और कौशल विकास गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार का मानना है कि बेहतर तकनीकी प्रशिक्षण से विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरत के अनुरूप तैयार करने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। अनुदेशकों की नियुक्ति से संस्थानों का शैक्षणिक स्तर मजबूत होने के साथ युवाओं को आधुनिक तकनीकों का बेहतर व्यावहारिक ज्ञान मिल सकेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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