मुख्यमंत्री ने रसोइयों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य रसोइयों और उनके परिवारों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।
पीएम पोषण योजना के तहत प्रदेश के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में काम करने वाले 3.53 लाख से अधिक रसोइयों को इन घोषणाओं का लाभ मिलेगा।
रसोइये स्कूलों में बच्चों के लिए मिड-डे मील तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं। राज्य में कक्षा 8 तक के करीब 1.47 करोड़ बच्चों को मिड-डे मील उपलब्ध कराया जाता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा और बच्चों का भविष्य सबसे ऊपर है। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार की ओर से पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है और पीएम पोषण योजना इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने जनहित को प्राथमिकता देने के बजाय एक ही परिवार के हितों को प्राथमिकता दी।मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा सरकार समाज के विभिन्न वर्गों के कल्याण और जरूरतमंदों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
रक्षाबंधन से पहले की गई इन घोषणाओं को प्रदेश के हजारों रसोइयों के लिए बड़ी राहत के तौर पर देखा जा रहा है। मानदेय और यूनिफॉर्म भत्ते में बढ़ोतरी के साथ कैशलेस इलाज की सुविधा से रसोइयों और उनके परिवारों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।
Author: JAN TV Editorial Team
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