योजना के तहत पात्र छात्राओं को **अधिकतम 65 हजार रुपये तक की बैटरी चालित ई-ट्राइसाइकिल निशुल्क** उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य दिव्यांग छात्राओं को स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और प्रशिक्षण संस्थानों तक आने-जाने में सुविधा देना है, ताकि परिवहन की समस्या उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।
सरकार ने योजना को पूरे प्रदेश में लागू करने के लिए सभी **403 विधानसभा क्षेत्रों** को इसके दायरे में रखा है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 20 पात्र दिव्यांग छात्राओं का चयन करने का लक्ष्य तय किया गया है।
इस हिसाब से प्रदेशभर में कुल **8,060 ई-ट्राइसाइकिल** वितरित करने की योजना है। विभाग का प्रयास है कि शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में रहने वाली पात्र छात्राओं को भी इसका लाभ मिले।
योजना के तहत 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली अध्ययनरत छात्राएं पात्र होंगी। लाभार्थी का किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय या प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययन अथवा प्रशिक्षणरत होना जरूरी है।
इसके लिए छात्रा के पास निर्धारित दिव्यांगता प्रमाण-पत्र या **यूडीआईडी कार्ड** समेत योजना के लिए जरूरी अन्य दस्तावेज होने चाहिए। पात्रता का अंतिम निर्धारण निर्धारित नियमों और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद किया जाएगा।
योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा की उम्र **कम से कम 16 वर्ष** होना अनिवार्य है। जनपद स्तर पर संबंधित अधिकारियों की ओर से पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन और दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा।
आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक छात्राएं जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के कार्यालय के माध्यम से या विभाग के पोर्टल **hwd.uphq.in** पर आवेदन कर सकती हैं।
सरकार के मुताबिक, योजना का उद्देश्य सिर्फ परिवहन का साधन उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि दिव्यांग छात्राओं की शिक्षा को लगातार जारी रखने में मदद करना भी है।
आवागमन की कठिनाई के कारण कई छात्राओं के लिए शिक्षण या प्रशिक्षण संस्थानों तक नियमित पहुंच बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। ई-ट्राइसाइकिल मिलने से उनके लिए घर से संस्थान तक आना-जाना आसान हो सकेगा और पढ़ाई या कौशल प्रशिक्षण जारी रखने के अवसर बढ़ेंगे।
बैटरी चालित ई-ट्राइसाइकिल से दिव्यांग छात्राओं की गतिशीलता बढ़ने के साथ उनकी आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। योजना को सभी विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचाने का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र छात्राओं को समान अवसर उपलब्ध कराना है।
दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक **डॉ. अमित कुमार राय** ने बताया कि योजना का विस्तार इसलिए किया गया है, ताकि शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांग छात्राओं को आवागमन की समस्या का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि आवश्यक दस्तावेज और पात्रता का सत्यापन पूरा होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत पात्र छात्राओं को ई-ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।
Author: JAN TV Editorial Team
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