चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की सचिव रितु माहेश्वरी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) की दिशा में कई पहल की गई हैं। प्रदेश के 900 से अधिक सरकारी अस्पतालों में लैबोरेटरी इंफॉरमेशन सिस्टम (LIS) को हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफॉरमेशन सिस्टम (HMIS) से जोड़ दिया गया है। इससे मरीजों को लैब रिपोर्ट लेने के लिए बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ रही है। वहीं, डॉक्टरों को भी समय पर जांच रिपोर्ट उपलब्ध होने से उपचार प्रक्रिया में सुविधा मिल रही है।
मरीजों को लैब रिपोर्ट WhatsApp और SMS के जरिए भी भेजी जा रही है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक करीब 58.07 लाख लैब रिपोर्ट के मैसेज WhatsApp पर भेजे गए, जबकि 37.66 लाख रिपोर्ट WhatsApp के जरिए भेजी गईं। इसी तरह करीब 46.50 लाख SMS भेजे गए, जिनमें से 31.40 लाख मरीजों को लैब रिपोर्ट भेजी गई।
LIS और HMIS के इंटीग्रेशन से मरीजों को लैब जांच के लिए बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने से भी राहत मिली है। इससे मरीजों के समय की बचत हो रही है और उन्हें समय पर उपचार मिल पा रहा है। जांच के परिणाम सीधे HMIS पोर्टल पर उपलब्ध होने से डॉक्टरों को रिपोर्ट का इंतजार नहीं करना पड़ता और जांच के आधार पर उपचार प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही मैनुअल और दोहरी डाटा एंट्री की व्यवस्था भी खत्म हो गई है।
Author: JAN TV Editorial Team
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