मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उस समय प्रदेश के कई जिलों में माफिया का प्रभाव था और पुलिस के सामने भी गंभीर चुनौतियां थीं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेतृत्व में निर्णय लेने की क्षमता कमजोर होने पर कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करना कठिन होता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, उस समय पुलिस सुधार, प्रशिक्षण और अवस्थापना सुविधाओं की स्थिति भी चुनौतीपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि 2017 के बाद इन परिस्थितियों को बदलने की दिशा में काम किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रकाश सिंह ने पुलिस सुधारों की आवश्यकता को लंबे समय तक उठाया और इसके लिए सुप्रीम कोर्ट का भी रुख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस सुधारों को लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बना है और वर्तमान में प्रदेश में सात पुलिस कमिश्नरेट काम कर रहे हैं।
सीएम योगी ने आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि सेफ सिटी के तहत प्रदेश के शहरों में 14 लाख से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। जिलों में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं। उनके अनुसार, इन तकनीकी व्यवस्थाओं से अपराधों की रोकथाम और घटनाओं के अनावरण में सहायता मिल रही है।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश पुलिस के एसटीएफ से जुड़े दिवंगत इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह की वीरता को भी याद किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने उन्हें कीर्ति चक्र से सम्मानित किया है और यूपी पुलिस को पहली बार यह गौरव मिला है। सुनील कुमार सिंह ने 22 जनवरी 2025 को आमने-सामने की मुठभेड़ में चार अपराधियों को मार गिराया था और इस दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बाद उनका निधन हुआ। मुख्यमंत्री ने उनकी धर्मपत्नी और परिवार के सदस्यों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में 16 पुलिस अधिकारियों एवं कार्मिकों को राष्ट्रपति के वीरता पुरस्कार और 10 को मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित किया गया।
सड़क सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं प्रदेश के सामने बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष 23-24 हजार लोगों की जान चली जाती है। इसे तकनीक और प्रभावी प्रवर्तन के माध्यम से नियंत्रित करने के उद्देश्य से अत्याधुनिक उपकरणों से लैस 87 इंटरसेप्टर वाहन उत्तर प्रदेश पुलिस को समर्पित किए गए हैं। ये वाहन विभिन्न जनपदों में सड़क सुरक्षा मानकों के अनुपालन और यातायात नियमों के प्रभावी प्रवर्तन में मदद करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा का वातावरण समाज की समृद्धि के लिए जरूरी है। उन्होंने पुलिस की थीम ‘आपकी सुरक्षा, हमारा संकल्प’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षित माहौल में ही विकास और समृद्धि की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। कार्यक्रम में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण, पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, डीजीपी राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, कार्मिक और उनके परिजन मौजूद रहे।
Author: JAN TV Editorial Team
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