मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर मां सिद्धिदात्री के आशीर्वाद का उल्लेख करते हुए नारी सम्मान की महत्ता बताई। उन्होंने कहा, “यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः।” अर्थात जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं सुख, समृद्धि और कल्याण का वास होता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि उस समय प्रदेश में अराजकता और उपद्रव का माहौल था, जिसका असर विकास पर पड़ा। उनके अनुसार, गुंडे, माफिया और उपद्रवी समानांतर व्यवस्था चला रहे थे तथा त्योहारों से पहले उपद्रव की घटनाएं होती थीं। उन्होंने कहा कि उस दौर में अभिभावक अपनी बेटियों के सुरक्षित भविष्य को लेकर चिंतित रहते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार ने अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। उनके मुताबिक, कानून के शासन को स्थापित करने के प्रयासों से प्रदेश की छवि में बदलाव आया और उत्तर प्रदेश को उत्सव प्रदेश के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम किया गया।
उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए किए गए प्रयासों ने प्रदेश को आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले साढ़े नौ वर्षों में प्रदेश के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP), प्रति व्यक्ति आय, बजट और महिला श्रम बल भागीदारी में तीन गुना वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश लगातार राजस्व अधिशेष वाला राज्य बना हुआ है और प्रदेश को ₹50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बड़े कारखानों की संख्या लगभग ढाई गुना बढ़कर 14 हजार से 35 हजार हो गई है। उनके मुताबिक, निवेश के माध्यम से 65 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के जरिए रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने में भी उत्तर प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का 60 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कृषि विकास दर 8 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत हो गई है।
उन्होंने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से युवाओं को साढ़े नौ लाख सरकारी नौकरियां दिए जाने की जानकारी दी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में स्टार्टअप की संख्या 120 से बढ़कर 24 हजार से अधिक हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को पुनर्जीवित करने से तीन करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने इसे प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों और रोजगार सृजन से जुड़ी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 'सशक्त नारी, समृद्ध उत्तर प्रदेश' के संकल्प के साथ राज्य सरकार 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' के लक्ष्य को साकार करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने नारीशक्ति को प्रदेश की प्रगति और समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार बताया।
Digital Desk: Liza Chandel
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