तमाम कोशिशों के बाद भी सरकार वोडाफोन से 11,200 करोड़ रुपये का भारी-भरकम टैक्स वसूल नहीं पाई। इसके साथ ही नोकिया और शेल जैसी एमएनसी भी टैक्स विवाद में फंस गईं। टैक्स सुधारों के लिहाज से भी यह साल कमजोर रहा। सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद न तो जीएसटी और न ही डीटीसी पर आम राय नहीं बन सकी। ये टैक्स कानून अभी भी लागू होने की राह देख रहे हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।