बिहार में राजनीतिक ताकतें नये गठजोड़ और तालमेल की ओर बढ़ती दिख रही हैं जिससे प्रदेश में वर्तमान समीकरण को धक्का लग सकता है. राज्य में जदयू के राजग से अलग होने के बाद सामाजिक समीकरण में तेजी से बदलाव आ रहा है. कांग्रेस ने हालांकि लालू प्रसाद की अध्यक्षता वाले राजद के साथ गठबंधन करने की अनिच्छा को त्यागने का संकेत दिया था, लेकिन ऐसा लगता है कि कांग्रेस अब इससे अपने कदम पीछे खींच रही है क्योंकि पार्टी के कई शीर्ष नेता ‘दागी नेता’ के साथ गठजोड़ को लेकर काफी सजग दिख रहे हैं. वहीं अपना नया रंग दिखाते हुए लोजपा भी तेवर दिखा रही है। लोजपा प्रमुख के करीबी एक पार्टी पदाधिकारी ने कहा कि लोजपा के अधिकांश नेताओं का मत है कि पार्टी को जदयू के साथ गठबंधन करना चाहिए और इससे कांग्रेस को भी जोड़ना चाहिए. उन्होंने कहा कि कांग्रेस-जदयू के साथ लोजपा का गठबंधन काफी मजबूत हो सकता है क्योंकि नीतीश कुमार की पार्टी ने अति पिछड़ी जातियों और महादलितों में व्यापक पैंठ बनायी है. इसके अलावा उनकी छवि साफ है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का राष्ट्रीय परिदृश्य पर प्रभाव पड़ने के बीच दोषी करार दिये गए लालू के साथ जाने से पार्टी को नुकसान होगा. दूसरी ओर राजद अपने बड़े भाई के रुख को छोड़ने को तैयार नहीं दिखती है. हालांकि इस बारे में अंतिम निर्णय पासवान को करना है....
Author: JAN TV Editorial Team
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