(DELHI, India)
राज्यसभा ने मंगलवार को ट्राई संशोधन विधेयक को मंजूरी दे दी। लोकसभा में यह विधेयक पहले ही पारित हो चुका है। ज्ञात हो कि कांग्रेस, राजद, माकपा और आप के सदस्यों के वाकआउट के बीच लोकसभा ने सोमवार को ट्राई कानून में संशोधन संबंधी विधेयक को मंजूरी दे दी। अध्यादेश के स्थान पर लाए गए ‘भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण संशोधन विधेयक’ का विरोध कर रहे दलों ने हालांकि यह स्पष्ट किया कि वे संबंधित अधिकारी की निष्ठा और ईमानदारी पर किसी प्रकार की शंका जाहिर नहीं कर रहे हैं। कानून और संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने विधेयक पर हुई चर्चा का उत्तर देते हुए विपक्षी सदस्यों के इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया कि सरकार संसद की गरिमा और सर्वोच्चता को नजरअंदाज कर रही है। उन्होंने कहा, ‘सरकार संसद की गरिमा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और विपक्ष का इस संबंध में लगाया गया आरोप पीड़ादायक है। हमारी पार्टी के जीवन मूल्य संसद की गरिमा के लिए पूरी तरह स्थायी रहेंगे।’ प्रसाद ने किहा कि 1997 में इस संबंध में बनाए गए कानून में कुछ विसंगतियां रह गयी थीं जिन्हें दूर करने के मकसद से यह विधेयक लाया गया है। 1967 बैच के पूर्व आईएएस अधिकारी मिश्रा की प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव के तौर पर नियुक्ति में आने वाले अवरोध को दूर करने के लिए पहले अध्यादेश जारी किया गया था जिसके स्थान पर अब यह विधेयक लाया गया है। इससे पूर्व, कांग्रेस के नेता मल्लिकाजरुन खड़गे ने विधेयक को विधायी प्रक्रिया के खिलाफ तथा संसद की सर्वोच्चता पर आघात बताया और इसे वापस लिए जाने की मांग की। विधेयक पर आपत्ति जताते हुए कांग्रेस के साथ राजद, आरएसपी और आप सदस्य सदन से वाकआउट कर गए।
Author: JAN TV Editorial Team
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