(DELHI, India)
लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान वरिष्ठ भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने यह सवाल उठाते हुए कहा कि हिंदी सेवा में आने वाले अधिकारियों की संख्या घटकर दो फीसदी रह गयी है और ऐसे में राजभाषा के प्रोत्साहन के लिए बनायी गयी सभी योजनाएं निर्थक साबित हो रही है। जोशी ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग ने परीक्षा की जो पद्धति अपनायी है उससे आने वाले समय में हिंदी तो क्या तमिल, तेलुगू आदि सभी भारतीय भाषाओं का ही सफाया हो जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल अंग्रेजी भाषा में सरकार चलेगी। उन्होंने कहा कि यूपीएससी के रवैये को लेकर छात्र आंदोलनरत हैं और यह उनके साथ ही नहीं बल्कि हिंदी भाषा के साथ भी अन्याय है।
Author: JAN TV Editorial Team
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