हरियाणा में अलग शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी यानि एसजीपीसी बनने से खफा पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने केंद्र सरकार से मामले में दखल देने की मांग की है। दिल्ली आए बादल ने केंद्र पर दबाव बढ़ाते हुए साफ कहा है कि एसजीपीसी का जन्म केंद्र सरकार के कानून से हुआ है। लिहाजा किसी राज्य सरकार को इससे छेड़खानी का कानूनी अधिकार नहीं है। बादल का आरोप है कि कांग्रेस के इशारे पर ही एसजीपीसी को खत्म करने की साजिश रची गई है और इसीलिए हरियाणा में अलग एसजीपीसी के लिए बाकायदा कानून तक बना दिया गया। सूत्रों के अनुसार केंद्र सरकार की आरे से इसमें दखल नहीं दिए जाने पर प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा तक दे सकते हैं। इस बीच, सिखों की सर्वोच्च संस्था अकाल तख्त ने हरियाणा के लिए अलग एसजीपीसी बनाने का रास्ता साफ करने वाले तीन सिख नेताओं को पंथ से निकाल दिया है। जिन लोगों को बिरादरी से बाहर किया गया है उनमें वित्त मंत्री हरमोहिंदर सिंह चट्ठा और वरिष्ठ सिख नेता जगदीश सिंह झिंडा और दीदार सिंह नलवी शामिल हैं। अकाल तख्त ने बिरादरी से निकाले गए नेताओं के साथ किसी भी प्रकार का संबंध नहीं रखने के लिए कहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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