दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर संशय बरकरार
(India)
इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर सस्पेंस और बढ़ गया है. लेकिन सरकार गठन को लेकर बीजेपी फिलहाल 2 हिस्सों में बंटी नजर आ रही है। संघ भी सरकार गठन के विरोध में बताया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आरएसएस नहीं चाहता है कि भाजपा अभी दिल्ली में सरकार बनाए, क्योंकि उसके पास बहुमत नहीं है। संघ का मानना है कि अगर बीजेपी किसी तरह जोड़-तोड़ करके सरकार बनाती है, तो इससे पार्टी की छवि धूमिल होगी। इस वजह से 4 राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। दिल्ली के कुछ सांसद भी जोड़-तोड़ करके सरकार बनाने के खिलाफ बताए जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन, पूर्व दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और आरती मेहरा जोडतोड़ के खिलाफ हैं। कई सांसद मानते हैं कि दिल्ली में सरकार बनाने से आम आदमी पार्टी को फिर से उभरने का मौका मिलेगा। बीजेपी को पार्टी की छवि बचाने की भी चिंता है। वहीं, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष सतीश उपाध्याय का कहना है कि जब उपराज्यपाल बुलाएंगे, वे तभी सोचेंगे कि कहां से संख्या बल आएगा। सतीश उपाध्याय ने कहा कि हमारे सभी विकल्प खुले हैं। हालांकि कहा जा रहा है कि नरेंद्र मोदी ही दिल्ली में सरकार गठन को लेकर प्रदेश बीजेपी को अपनी हां या ना सुना सकते हैं। यानी आखिरी फैसला मोदी ही करने वाले हैं। उधर भाजपा पर 20-20 करोड़ रुपए में विधायकों की खरीद फरोख्त के आरोप लगाने के बाद अरविंद केजरीवाल को बीजेपी विधायक आरपी सिंह ने एक करोड़ का लीगल नोटिस भेजा है।

Author: JAN TV Editorial Team

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