(MAHARASHTRA, India)
दोपहर बाद राणे ने इस्तीफे के कारणों का खुलासा करते हुए एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पार्टी (कांग्रेस) ने अपना वादा नहीं निभाया। मैंने मुख्यमंत्री पद के लिए नौ साल का इंतजार किया। राणे ने अपने इस्तीफे के फैसले के कारणों पर कहा वे महाराष्ट्र सरकार के काम से खुश नहीं हैं। आम आदमी को न्याय नहीं मिल रहा है। वहीं, सरकार जनता की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। बीते दिनों हुए लोकसभा चुनाव में हार के बाद सीएम ने कोई कदम नहीं उठाए हैं। इससे पहले, राणे ने मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से उनके निवास ‘वर्षा’ में मुलाकात की और अपना इस्तीफा सौंप दिया। हालांकि, मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने राणे का इस्तीफा मंजूर नहीं किया है। उन्होंने कहा कि अभी राणे से बात करूंगा और फिर फैसला किया जाएगा। उन्होंने हालांकि, कांग्रेस नहीं छोड़ी है। मुख्यमंत्री पद के आकांक्षी रहे राणे उन्हें शीर्ष पद नहीं दिए जाने के चलते पार्टी से नाराज थे। उन्होंने हमेशा दावा किया कि जब वह शिवसेना छोड़कर 2005 में कांग्रेस में शामिल हुए थे तो उन्हें इस पद का वायदा किया गया था।
कोंकण क्षेत्र के प्रभावशाली नेता ने कंकावली में 19 जुलाई को एक बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा था और कहा था कि यदि वे वर्तमान नेतृत्व के तहत लड़ेंगे तो विधानसभा का चुनाव परिणाम लोकसभा चुनाव से अलग नहीं होगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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