(DELHI, India)
सरकार ने इस मुद्दे पर संकल्प पारित करने की विपक्ष की मांग खारिज करते हुए यह भी कहा कि इजरायल और फलस्तीन को हिंसा रोकने के लिए तत्काल शांति वार्ता करनी चाहिए। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने राज्यसभा में सोमवार को कहा कि सदन को इस मुद्दे पर अलग-अलग राय जाहिर करने की बजाय यह संयुक्त संदेश देना चाहिए कि हिंसा चाहे जहां कहीं भी हो, वह निंदनीय है और इजरायल तथा फलस्तीन दोनों को ही शांति वार्ता के लिए मिस्र की पेशकश स्वीकार करनी चाहिए। सुषमा ‘गाजा और फलस्तीन के पश्चिमी तटीय क्षेत्र में हिंसा में अप्रत्याशित बढ़ोत्तरी और इसके कारण कई नागरिकों की मौत’ पर उच्च सदन में हुई अल्पकालिक चर्चा का जवाब दे रही थीं। चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने एक स्वर में गाजा में हिंसा की निंदा की और इस संबंध में संकल्प पारित करने की मांग की। उन्होंने इजरायल से हथियारों की खरीद रोकने की मांग भी की और कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र में यह मुद्दा उठाना चाहिए। संकल्प पारित करने की विपक्ष की मांग खारिज करते हुए उप सभापति पी जे कुरियन ने कहा कि यह चर्चा नियम 176 के तहत हुई है जिसके तहत संकल्प पारित करने या मतदान का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने हालांकि कहा कि सरकार संकल्प पारित करने के लिए सहमत नहीं है और न ही इस बारे में आम सहमति है इसलिए वह कुछ नहीं कर सकते। इस पर विरोध जताते हुए, बीजद और अन्नाद्रमुक सदस्यों को छोड़ कर पूरा विपक्ष सदन से वाकआउट कर गया।
Author: JAN TV Editorial Team
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