(DELHI, India)
समझा जाता है कि मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह और प्रसाद से कहा कि वे मिलकर काम करें और आने वाले दिनों में इस बाबत खाका तैयार करें। स्वच्छ राजनीति की दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को गृह मंत्री राजनाथ सिंह और कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद से राजनीतिज्ञों के खिलाफ अपराधिक और अन्य अदालतों में चल रहे मामलों की सुनवाई एक साल में करने के लिए एक तंत्र बनाने पर काम करने को कहा। मोदी ने लोकसभा चुनाव प्रक्रिया के दौरान अपने चुनावी भाषणों और साक्षात्कारों में जोर देकर कहा था कि नेताओं के खिलाफ दर्ज आपराधिक मुकदमों की सुनवाई तेज किए जाने की जरूरत है। कानून मंत्रालय पहले ही इससे जुड़े खाके पर काम करना शुरू कर चुका है और एक विकल्प यह है कि मार्च महीने में उच्चतम न्यायालय को दी गई विधि आयोग की सिफारिशों पर अमल किया जाए। विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मौजूदा सांसदों या विधायकों के खिलाफ यदि आरोप तय किए जा चुके हों तो उनके मामलों के ट्रायल में तेजी लाकर मुकदमे का निपटारा एक साल के भीतर करना चाहिए। रिपोर्ट के मुताबिक, यदि एक साल के भीतर ट्रायल पूरा न हो तो सांसद या विधायक को एक साल की अवधि पूरी होने पर अयोग्य घोषित कर दिया जाए या सांसद या विधायक का सदन में वोट करने का अधिकार और वेतन-भत्ते एक साल की अवधि पूरी होने पर निलंबित कर दिए जाएं। मोदी ने अपने साक्षात्कारों में एक और विकल्प सुझाया था कि उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया जाए कि ऐसे मामलों का निपटारा त्वरित आधार पर किया जाए। हालांकि, नागरिक समाज का कहना है कि सरकार सिर्फ नेताओं के खिलाफ मुकदमों पर ध्यान न देकर यह भी सुनिश्चित करे कि बलात्कार और बच्चों के खिलाफ अपराध से जुड़े मुकदमों में भी जल्द से जल्द फैसला हो। चुनाव अभियान के दौरान मोदी ने सत्ता में आने पर भ्रष्टाचार को बिल्कुल बर्दाश्त न करने की नीति पर चलने का संकल्प जताया था। मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में भी उन्होंने कहा था कि उच्चतम न्यायालय से ऐसे मामलों की शीघ्र सुनवाई करने के लिए अनुरोध किया जाएगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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