(DELHI, India)
जेटली ने कहा कि देश को आर्थिक नरमी से निपटने की जरूरत है, केवल ब्याज दर बढ़ाकर मुद्रास्फीति पर लगाम नहीं लगाई जा सकती। उन्होंने बताया कि सरकार काले धन पर विदेश से प्राप्त सभी सूचनाएं उच्चतम न्यायालय को दे रही है। साथ ही जेटली ने रक्षा और बीमा जैसे क्षेत्रों प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा बढ़ाने के सरकार के निर्णय को जायज ठहराया। उन्होंने कहा कि देश को विनिर्माण बढ़ाकर विकास की गति बढ़ाने के लिए बड़ी मात्रा में संसाधन की जरूरत है। इससे नौकरियां बढ़ने के साथ ही गरीबी उन्मूलन होगा। उन्होंने कहा, ‘जब भीतर से निवेश अपर्याप्त होता है, तब एफडीआई संसाधन बढ़ाने का एक जरिया है। इसलिए यह जरूरी है कि हमारे पास पर्याप्त संसाधन हो, इससे आर्थिक गतिविधि, नौकरियां बढ़ेंगी। आर्थिक गतिविधि के लिए मुनाफे की जरूरत है।’ उन्होंने रक्षा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) बढाकर 49 प्रतिशत करने को लेकर की जा रही आलोचनाओं को खारिज करते हुये कहा कि रक्षा क्षेत्र में घरेलू उद्योग को बढ़ावा देना जरूरी है क्योंकि देश को 70 प्रतिशत रक्षा उपकरणों का आयात करना पड़ रहा है। बजट में व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर ढाई लाख करने और वरिष्ठ नागरिकों के लिये इसे ढाई से बढ़ाकर 3 लाख करने पर उन्होंने कहा कि इसके पीछे उनका मकसद लोगों को बचत के लिए प्रोत्साहित करना और आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाना है। राज्यसभा में आम बजट पर चर्चा का उत्तर देते हुये जेटली ने कहा कि वह वर्ष के बीच में बजट पेश कर रहे हैं। आर्थिक वृद्धि सुस्त है ऐसे में उनके हाथ तंग हैं। आने वाले 2..3 वर्षों में 7 से 8 प्रतिशत की वृद्धि हासिल होने पर ही योजनाओं के लिये आवंटन बढ़ सकेगा। उन्होंने कहा कि लाभ आजकल कोई बुरा शब्द नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि लोग कहते हैं कि यह सरकार व्यापारियों के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि यह सरकार न केवल व्यापारियों बल्कि मध्यम वर्ग, नव मध्यम वर्ग और गरीबों के भी पक्ष में है। जेटली के जवाब के साथ ही सदन ने आम बजट 2014-15 से जुड़े विनियोग विधेयकों को ध्वनिमत से लोकसभा को लौटा दिया।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।