(DELHI, India)
सुषमा ने नई दिल्ली के लिए रवाना होने से पहले त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, यह बेहद सफल यात्रा रही। इसके परिणाम मेरी उम्मीद से कहीं अधिक रहे हैं। सुषमा ने यहां राष्ट्रपति राम बरन यादव और प्रधानमंत्री सुशील कोईराला सहित नेपाल के शीर्ष नेताओं के साथ मुलाकात की। उन्होंने विपक्ष के नेता व यूनाइटेड कम्यूनिस्ट पार्टी आफ नेपाल-माओवादी के प्रमुख प्रचंड से भी मुलाकात की। सुषमा 23 साल बाद हुई भारत-नेपाल संयुक्त आयोग की बैठक की सह अध्यक्षता की। उनकी इस यात्रा का एक मकसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 3 अगस्त से दो दिन की नेपाल यात्रा की तैयारी भी था। कोई भारतीय प्रधानमंत्री 17 साल में पहली नेपाल यात्रा करने वाला है। दिवंगत प्रधानमंत्री आईके गुजराल 1997 में नेपाल यात्रा पर आए थे। सुषमा की इस यात्रा के दौरान भारत ने नेपाल से कहा कि भारत की नई सरकार दोनों देशों के बहुआयामी आपसी संबंधों को नई गति देने की काफी इच्छुक है। दोनों देशों ने रक्षा, सुरक्षा, व्यापार व पनबिजली जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। दोनों पक्षों ने 1950 की शांति व मित्रता की संधि की समीक्षा व उसमें समायोजन पर भी सहमति जताई है, ताकि वह वर्तमान वास्तविकताओं को परिलक्षित कर सके। यह फैसला भारत नेपाल संयुक्त आयोग की बैठक में किया गया। इस बैठक की अध्यक्षता सुषमा व नेपाली विदेश मंत्री महेंद्र बहादुर पांडे ने संयुक्त रुप से की। आयोग ने नेपाल भारत सीमा कार्यसमूह को जमीनी कार्य जल्द से जल्द शुरू करने को भी कहा है।
दोनों देशों ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि बैठक में नेपाल-भारत रिश्तों के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई। आयोग दोनों देशों के परम्परागत प्रगाढ संबंधों को मजबूत करने में योगदान देगा। नेपाली नेताओं ने सुषमा के साथ बैठकों के दौरान भारत द्वारा रिश्तों को नई रफ्तार देने के लिए भारत की पहल पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें मोदी की आगामी नेपाल यात्रा से काफी उम्मीदें है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।