(DELHI, India)
गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की और इसमें वित्त मंत्री अरुण जेटली, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी शरीक हुए। बैठक में शरीक हुए एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां बताया, ‘इस मुद्दे पर और इसके हल के तरीकों पर बैठक हुई है।’ उन्होंने बताया कि सिविल सेवा परीक्षा के पाठ्यक्रम में बदलाव करने या न करने और 24 अगस्त को होने जा रही प्रारंभिक परीक्षा की तिथि आगे बढ़ाने के मुद्दे पर फैसला जल्द किए जाने की संभावना है। गृहमंत्री के आवास पर हुई इस बैठक में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) सचिव एसके सरकार और प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारी तथा यूपीएससी के अधिकारी भी शरीक हुए। गौरतलब है कि सिविल सेवा की तैयारी कर रहे छात्र प्रारंभिक परीक्षा के पैटर्न में बदलाव करने की मांग को लेकर राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन कर रहे हैं। यह मुद्दा संसद में भी उठा था। सरकार ने छात्रों से प्रदर्शन रोकने का अनुरोध किया है। अगले महीने होने वाली प्रारंभिक परीक्षा के लिए यूपीएससी द्वारा प्रवेश पत्र जारी करने के चलते बृहस्पतिवार रात से प्रदर्शन तेज हो गया है। ग्रामीण इलाकों से आने वालों छात्रों को प्रतियोगिता का समान स्तर मुहैया करने के लिए सिविल सेवा एप्टीट्यूड परीक्षा (सीसैट) के पैटर्न में बदलाव की छात्रों की मांग पर सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति विचार कर रही है। कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मामलों के राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह छात्रों की मांग के मद्देनजर यूपीएससी से प्रारंभिक परीक्षा को स्थगित करने का अनुरोध पहले ही कर चुके हैं। सिविल सेवा परीक्षा प्रारंभिक, मुख्य और साक्षात्कार के रूप में तीन चरणों में होती है, जिसके जरिए भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) और भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) सहित अन्य सेवाओं के लिए उम्मीदवार चुने जाते हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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