(DELHI, India)
विवादास्पद बीमा संशोधन विधेयक पर आज सुबह यहां हुई सर्वदलीय बैठक में मतभेद दूर नहीं किये जा सके। इस विधेयक पर आज राज्य सभा में चर्चा कराई जानी थी। बैठक में शामिल नेता इस बात पर सहमत हुए हैं कि इस विषय पर नेताओं के बीच अगले दो दिन में फिर बैठक होगी क्योंकि संसद भवन में आज हुई बैठक में कोई बात तय नहीं हो सकी। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता प्रफुल्ल पटेल ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि इस बैठक में कुछ तय नहीं हुआ। हमारे बीच सहमति बनी है कि अगले दो दिन में हम फिर बैठेंगे ताकि इस विधेयक के बारे में संभावित फार्मूले पर कोई आम सहमति बन सके। गौरतलब है कि एनसीपी और बीजेडी (बीजू जनता दल) ने हाल में मंत्रिमंडल द्वारा कुछ संशोधनों के साथ स्वीकृत इस विधेयक का उसी रप में समर्थन करने की घोषणा कर रखी है। गौर हो कि विवादित बीमा विधेयक पर आम सहमति बनाने के लिए सरकार ने सोमवार को राज्यसभा में विपक्ष के नेताओं के साथ बैठक की। नौ विपक्षी दलों द्वारा राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी को यह विधेयक चयन समिति को सौंपने के लिए नोटिस देने की पृष्ठभूमि में वित्त मंत्री अरुण जेटली और संसदीय कार्य मंत्री एम. वैंकेया नायडू ने नेताओं से मुलाकात की। ऊपरी सदन में राजग के पास बहुमत नहीं है और उसे अपने पहले बड़े आर्थिक सुधार विधेयक के लिए दूसरे दलों का समर्थन जुटाना होगा। विपक्ष मांग कर रहा है कि बीमा कानून (संशोधन) विधेयक प्रवर समिति के पास भेजा जाए। सरकार ने इस विधेयक को आज राज्यसभा में चर्चा के लिए लाने की अपनी योजना को रविवार रात स्थगित कर दिया। संसदीय कार्यमंत्री एम वैंकेया नायडू ने रविवार को कहा था कि वह और वित्त मंत्री कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेताओं से इस विधेयक के विभिन्न मुद्दों पर बात करेंगे। इस विधेयक में बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा 26 प्रतिशत से बढ़ाकर 49 प्रतिशत करने का प्रावधान है। नायडू ने इस विधेयक को पारित करने में विपक्ष से सहयोग करने की अपील करते हुए कहा है कि सरकार विपक्ष के किसी भी ‘अर्थपूर्ण सुझाव’ पर गौर करने के लिए तैयार है। नायडू ने हैदराबाद में संवाददाताओं से कहा था कि मैं कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों से अपील करता हूं कि वे व्यापक राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए इस बजट सत्र में इस प्रस्तावित विधेयक को पारित करने में सहयोग करें, जो कि बीमा क्षेत्र में विदेशी निवेश को 49 प्रतिशत करेगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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