भगवद् गीता पढ़ाना संविधान के खिलाफ नहीं, ‘राष्ट्रीय पुस्तक’ घोषित हो: आरएसएस
(DELHI, India) प्रेस परिषद के अध्यक्ष मार्कण्डेय काटजू ने न्यायाधीश दवे के विचारों पर आपत्ति जताई थी। इस मुद्दे पर आरएसएस समर्थक सांस्कृतिक मंच भारतीय विचार केंद्रम के निदेशक पी परमेश्वरम ने कहा कि गीता ने कई शताब्दियों से भारत पर गहरा प्रभाव डाला है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने एक बार भी भगवद् गीता पढ़ी होगी, वे समझेंगे कि यह एक धार्मिक ग्रंथ नहीं है। किसी भी अन्य किताब का इतना व्यापक प्रसार नहीं है। गीता की तरह कोई भी अन्य किताब इतनी बड़ी संख्या में व्याख्याओं के साथ प्रकाशित नहीं हुई है।

Author: JAN TV Editorial Team

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