यूपीएससी परीक्षा की तारीखों में बदलाव नहीं, बाद में सभी पक्षों से चर्चा करेगा केंद्र
(DELHI, India) यूपीएससी सी सैट परीक्षा मसले पर केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि 24 अगस्त को परीक्षा समाप्त होने पर केंद्र संघ लोक सेवा आयोग समेत सभी पक्षों से इस मुद्दे पर विचार विमर्श करेगा और भविष्य की रूपरेखा बनाई जाएगी। यूपीएससी सीसैट विवाद पर वैंकेया नायडू ने कहा कि यूपीएससी की परीक्षा नहीं टलेगी। परीक्षा की तारीखों में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। सदन में शून्यकाल के दौरान अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरै द्वारा यह मसला उठाए जाने पर संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में यह बदलाव 2011, 2012 और 2013 से चला आ रहा है। तीन साल इस व्यवस्था के तहत परीक्षा हो चुकी है। लेकिन इस साल छात्रों ने इस पर आपत्ति उठाई है। उन्होंने कहा कि यह सिविल सेवा परीक्षा है और इस व्यवस्था में रातोंरात बदलाव नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि 24 अगस्त को छात्रों को परीक्षा देनी हैं। उन्होंने सदस्यों से अपील की कि छात्रों को शांति से परीक्षा की तैयारी करने दें और एक बार परीक्षा हो जाने पर केंद्र सरकार यूपीएससी समेत सभी संबंधित पक्षों के साथ बैठकर इस मसले का कोई समाधान निकालेगी और भविष्य की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। यूपीएससी की परीक्षा संविधान की आठवीं अनुसूची में दर्ज सभी भारतीय भाषाओं में कराए जाने संबंधी थंबीदुरै की मांग पर नायडू ने कहा कि देश में विभिन्न राष्ट्रीय भाषाएं हैं। इस मुद्दे पर व्यापक बहस और विचार विमर्श की जरूरत है। इससे पूर्व थंबीदुरै ने यह मामला उठाते हुए कहा कि यूपीएससी सी सैट परीक्षा मसले को लेकर छात्र आंदोलनरत हैं और गहन मानसिक यंत्रणा से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय में शासन का संघीय ढांचा है और सभी भारतीय भाषाओं और संस्कृतियों का सम्माान होना चाहिए। इसीलिए सभी भारतीय भाषाओं को परीक्षा माध्यम के रूप में स्वीकार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मसले पर सरकार का रुख स्पष्ट नहीं है। उन्होंने मांग की कि यूपीएससी परीक्षाओं को सभी भारतीय भाषाओं में आयोजित किए जाने की व्यवस्था कर छात्रों को एक समान अवसर उपलब्ध कराया जाना

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।