(DELHI, India)
राज्यसभा में शुक्रवार को माकपा के एक सदस्य ने सचिन तेंदुलकर और रेखा जैसे मनोनीत सदस्य एवं मशहूर हस्तियों के सदन में अक्सर नहीं आने का मुद्दा उठाया जिस पर उप सभापति पीजे कुरियन ने कहा कि मास्टर ब्लास्टर ने सदन की पिछली 40 बैठकों में भाग नहीं लिया है लेकिन नियम के तहत 60 बैठकों में अनुपस्थित रहने वाले सदस्य के खिलाफ ही कार्रवाई होती है। शून्यकाल में माकपा के पी राजीव ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि सदन में कई मशहूर हस्तियां एवं मनोनीत सदस्य पिछले कई दिनों से अनुपस्थित हैं। आसन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे सूचना दे कर अनुपस्थित हुए हैं। इस पर कुरियन ने कहा कि राजीव तथा अन्य सदस्यों ने पहले भी यह मामला उठाया था। उन्होंने इस बारे में जो जानकारी एकत्र की है उसके अनुसार, प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर अप्रैल 2012 में इस सदन में मनोनीत किए गए थे। उन्होंने अभी तक मात्र 3 बैठकों में हिस्सा लिया है। कुरियन ने कहा कि तेंदुलकर ने अंतिम बार 13 दिसंबर 2013 को उच्च सदन की बैठक में भाग लिया था। उप सभापति ने कहा कि मशहूर सिने अभिनेत्री रेखा को भी अप्रैल 2012 में उच्च सदन में मनोनीत किया गया था। रेखा ने अभी तक उच्च सदन की 7 बैठकों में हिस्सा लिया है। कुरियन ने कहा कि रेखा ने अंतिम बार 19 फरवरी 2014 को सदन की बैठक में भाग लिया था। उप सभापति ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 104 के तहत यदि कोई सदस्य बिना अनुमति के 60 बैठकों तक सदन में नहीं आता है तो उसकी सीट को रिक्त मान लिया जाता है। उन्होंने कहा कि तेंदुलकर अभी केवल 40 बैठकों में नहीं आए हैं जबकि रेखा के मामलों में तो यह संख्या और भी कम है लिहाजा इन दोनों पर उक्त नियम लागू नहीं होता। गौरतलब है कि तेंदुलकर और रेखा मनोनीत होने के बाद न केवल बहुत कम दिनों आए बल्कि बहुत कम समय भी बैठे। इसे लेकर पहले भी सदन में सदस्यों ने आसन का इस बात की ओर दिलाया था।
Author: JAN TV Editorial Team
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