(India)
उन्होंने यह बात ऐसे समय कही है जब देश में करीब आधे तापीय बिजली संयंत्र ईंधन कमी से जूझ रहे हैं। मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा, ‘मंत्री ने कोयला भंडार के निपटान की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने यह पाया कि करीब 3.9 करोड़ टन भंडार में पड़ा है। उन्होंने भंडार के निपटान के लिये सितंबर 2014 तक कार्य योजना तैयार करने को कहा है।’ सूत्र के अनुसार गोयल ने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया की प्रत्येक अनुषंगी इकाई के पास भंडार इतने हो जो आर्थिक रूप से व्यवहारिक हों। उन्होंने कहा, ‘यह मोटे तौर पर 15 दिन के उत्पादन के बराबर हो सकता है।’ कोयला खानों से ईंधन के तेजी से निकाले जाने को लेकर कोल इंडिया ने पूर्व में एक बारगी पेशकश की थी जिसके तहत बिजली कंपनियों को इन खदानों से सीधे ईंधन उठाने की अनुमति दी गयी थी। कोल इंडिया की इस योजना से न केवल बिजली कंपनियों को ज्यादा कोयला उपलब्ध कराने में मदद मिली बल्कि खदानों में जो भंडार था, उसके निपटान में भी मदद मिली।
Author: JAN TV Editorial Team
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