रोजगार मेले में गुजरात समेत कई राज्यों की कंपनियां शामिल हुईं। ऑनलाइन आवेदन के बाद छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से भी युवा पहुंचे। विभिन्न सेक्टर में युवाओं को नौकरी के अवसर मिले। हालांकि, कुछ अभ्यर्थियों ने मेले में खाने-पीने और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई।
कुछ कैंडिडेट्स का पहले ही हो चुका था कैंपस सिलेक्शन
बिलासपुर इंजीनियरिंग कॉलेज से आए कृष्णकांत साहू ने बताया कि वे मैकेनिकल ब्रांच के छात्र हैं और लीड इंडिया कंपनी में GET यानी ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी के तौर पर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनका कैंपस सिलेक्शन पहले ही हो चुका था और उन्होंने कंपनी में काम भी शुरू कर दिया है। उन्हें सर्टिफिकेट देने के लिए रायपुर बुलाया गया था। हालांकि, उन्होंने बताया कि ऑफर लेटर दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कंपनी की ओर से ऑफर लेटर नहीं मिला है।
हेमंत वर्मा ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, बिलासपुर से पढ़ाई कर चुके हैं। उनका चयन ACB India Limited में ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी के पद पर हुआ है। उनके अनुसार, उनका कैंपस प्लेसमेंट कॉलेज के माध्यम से पहले ही हो गया था और इसी के तहत उन्हें सर्टिफिकेट वितरण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रायपुर बुलाया गया।
बलरामपुर से पहुंचे दो अभ्यर्थियों ने बताया कि वे नल-जल योजना के तहत पंप ऑपरेटर पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया के लिए आए हैं। उन्होंने लाइवलीहुड कॉलेज, बलरामपुर में ट्रेनिंग ली है। उनके अनुसार, ट्रेनिंग के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी करने और मुख्यमंत्री के हाथों प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए उन्हें रायपुर बुलाया गया।
रायपुर के सड्डू स्थित आईटीआई से पढ़ाई कर रहीं स्वाति भी रोजगार मेले में पहुंचीं। उन्होंने बताया कि कॉलेज की ओर से उन्हें पहली बार रोजगार मेले में लाया गया है। वह यह देखने आई थीं कि रोजगार मेला किस तरह आयोजित होता है और यहां युवाओं के लिए किस तरह के अवसर उपलब्ध हैं।
ऑपरेटर से इंजीनियर तक कई पदों पर अवसर
रोजगार मेले में मशीन ऑपरेटर, फिटर, वेल्डर, इलेक्ट्रिशियन, इंजीनियर, क्वालिटी इंस्पेक्टर, सेल्स एग्जीक्यूटिव, कंप्यूटर ऑपरेटर, कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव, नर्सिंग स्टाफ, सुरक्षा गार्ड, ड्राइवर, डिलीवरी बॉय और अप्रेंटिस समेत कई पदों पर नौकरी के अवसर उपलब्ध थे।
दिए गए विवरण के अनुसार टेक्निकल और मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में करीब 4,800, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्ट में 1,600, सिक्योरिटी में 650 तथा हेल्थकेयर और केयर सर्विसेज में करीब 580 पद शामिल थे। 10वीं-12वीं पास से लेकर ITI, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट युवा आवेदन कर सकते थे।
रोजगार मेले में क्वेस कॉर्प, रैंडस्टैड इंडिया, राजस्थान टेक्सटाइल मिल्स-सतलज टेक्सटाइल्स, वर्धमान टेक्सटाइल्स, जेनस पावर इंफ्रास्ट्रक्चर, एयरटेल पेमेंट्स बैंक, इंस्टाकार्ट, स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल, स्वतंत्र माइक्रोफिन, एनआईआईटी, आइसेक्ट, शांता टेक्नो, राजत इक्विपमेंट्स और फर्स्ट फ्लाई कॉर्पोरेट समेत कई कंपनियां भर्ती के लिए पहुंचीं।
युवाओं ने मैनेजमेंट और सुविधाओं में सुधार की मांग की
भिलाई से आए मानस ने बताया कि उन्होंने डिप्लोमा के आधार पर पंजीयन कराया और कई कंपनियों में इंटरव्यू दिए। उनके अनुसार कुछ कंपनियां डिटेल नोट कर आगे बुलाने की बात कह रही थीं। मानस ने मेले की सुविधाओं और मैनेजमेंट पर और ध्यान देने की जरूरत बताई। उन्होंने खास तौर पर पानी की व्यवस्था को लेकर परेशानी का जिक्र किया।
अभनपुर से आए ओमप्रकाश नौरंगे ने अकाउंटेंट, फील्ड वर्क और सुपरवाइजर पदों के लिए अलग-अलग काउंटरों पर जानकारी ली। उन्होंने बताया कि कंपनियों के काउंटर पर रजिस्ट्रेशन के साथ नाम और मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया और आगे इंटरव्यू के लिए बुलाने की जानकारी दी गई।
खाने-पीने की व्यवस्था पर अभ्यर्थियों की नाराजगी
ओमप्रकाश ने आयोजन स्थल पर खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने बताया कि वे सुबह से कैंप में मौजूद थे और काफी देर से लाइन में लगे हुए थे। उनके अनुसार खाने की व्यवस्था ठीक नहीं थी और पानी को लेकर भी परेशानी हुई।
उन्होंने बताया कि पानी के लिए टैंकर लगाए गए थे, लेकिन पानी पीने के लिए गिलास की व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने कहा कि दूर-दराज से आए अभ्यर्थियों और छात्रों को देखते हुए पीने के पानी और खाने की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए थी।
Author: JAN TV Editorial Team
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