(India)
उद्योग मंडल एसोचैम के एक अध्ययन के अनुसार बुनियादी सेवाओं के मूल्यों में सालाना आधार पर कम-से-कम 25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और इसने लागत वृद्धि के मामले में वस्तुओं को पीछे छोड़ दिया है। अध्ययन के अनुसार, कोचिंग समेत बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, व्यक्तिगत वाहनों की सेवाओं, निजी देखभाल से जुड़ी सेवाओं की लागत थोक मूल्य सूचकांक तथा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रही है। इससे मध्यम वर्ग प्रभावित हो रहा है और उसे सालाना आधार पर औसतन कम-से-कम 25 प्रतिशत अधिक भुगतान करना पड़ रहा है। उद्योग मंडल के इस सर्वे में परिवहन, शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसी जरूरी सेवाओं को शामिल किया गया है। सूचना प्रौद्योगिकी और बैंकिंग सेवाएं भी महंगी हुई हैं। इसमें पाया गया कि मध्यम वर्ग द्वारा उपयोग की जाने वाली जरूरी सेवाओं के मूल्य में वृद्धि के साथ सेवा कर में वृद्धि से भी लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं। जबकि दूसरी तरफ सरकार के राजस्व के नजरिये से सेवा कर ज्यादा महत्वपूर्ण होता जा रहा है। एसोचैम ने कहा कि सेवाओं के उपयोग की उंची लागत का मतलब है कि ज्यादा कर का भुगतान क्योंकि शुल्क मूल्य वर्धित हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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