बैंकर्स चुनाव से पहले कर्ज माफी के ऐलान पर पाबंदी की मांग कर सकते हैं। बैंकर्स का कहना है कि इस तरह के राजनीतिक कदम बैंकिंग सिस्टम के लिए खतरनाक हैं। आंध्र प्रदेश के कुछ किसानों ने इस उम्मीद में अपने लोन का भुगतान बंद कर दिया है कि चंद्रबाबू नायडू कर्जमाफी का अपना वादा पूरा करेंगे। बैंकों को इस तरह की बकाया राशि की रिकवरी में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र में इस साल के आखिर में चुनाव होने हैं और ऐसे में बैंक ऐसे मामलों की पुनरावृति नहीं चाहते हैं। आंध्रा बैंक के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सी वी आर राजेंद्रन ने बताया कि भारतीय बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) चुनाव आयोग से राजनीतिक पार्टियों के ऐसे ऐलान पर पाबंदी लगाने की मांग कर सकता है। उनके मुताबिक, अगर बाकी राज्य भी इस मॉडल को अपनाना शुरू कर देंगे, तो यह बैंकिंग सिस्टम के लिए खतरनाक होगा।
Author: JAN TV Editorial Team
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