(DELHI, India)
पार्टी महासचिव शकील अहमद ने कहा कि यह भाषण ‘जीरो इफेक्ट’ वाला था। उन्होंने कहा इसमें नया कुछ नहीं था। प्रधानमंत्री की ओर से किसी नए विचार, नई योजना और नई पहल की घोषणा नहीं की गई। सांप्रदायिकता के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए अहमद ने कहा कि मोदी को याद रखना चाहिए कि भाजपा की राजनीति सांप्रदायिकता पर आधारित है। पार्टी प्रवक्ता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि यह देखते हुए कि नए प्रधानमंत्री का यह पहला स्वतंत्रता दिवस संबोधन था ऐसी अपेक्षा थी कि वे अगले पांच वर्षों के लिए कुछ विचार पेश करेंगे, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री छोटी मोटे मुद्दों में उलझ कर रह गए और इस अवसर के अनुरूप खुद को पेश नहीं कर पाए।
Author: JAN TV Editorial Team
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