(DELHI, India)
डीआरडीओ वैज्ञानिकों को जवानों के जीवन को अधिक सहज बनाने के लिए नवोन्मेषी विचारों के साथ आगे आना चाहिए। पीएम ने वैज्ञानिकों का उत्साहवर्द्धन भी किया। उन्होंने कहा, हमें वेद से प्ररेणा मिलती है। वैज्ञानिक भी तपस्वी होते हैं। वह अपने लैब में तपस्या करते हैं जिससे कई आइडिया सामने आते हैं। देश के वैज्ञानिकों को सेना के जवानों और छात्रों से सीधा संवाद की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में डीआरडीओ के करीब 50 लैब हैं इनमें से 5 लैब 35 साल से कम उम्र के वैज्ञानिकों के हाथ में सौंप देने चाहिए ताकि नए और ताजा आइडिया आ सके। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि हम समय से पहले काम पूरा करें। मोदी ने कहा कि देश के विकास में वैज्ञानिकों का काफी अहम भूमिका है। इस मौके पर मोदी ने कहा कि हमारे देश के सामने सबसे बड़ा चैलेंज है कि हम तेजी से कैसे काम करें। दुनिया आज बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगर हम तेजी के साथ और समय पर काम नहीं करते हैं तो बहुत पीछे रह जाएंगे।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।