पहले विश्वयुद्ध में चेहरा बिगड़ने के बाद सैनिकों ने बनवाए थे फेस मास्क
(India) इस वजह से उन दिनों सर्जनों की मांग बढ़ गई। ऐसे कई सैनिक थे जो बच गए, मगर चेहरा खराब होने से अपनी पहचान खो दी थी। उस समय पहली बार इस्तेमाल किए गए फेस मास्क। जिसकी जगह अब प्लास्टिक सर्जरी ने ले ली है। सर्जन सैनिकों के लिए ऐसे फेस मास्क बनाने लगे, जिन्हें पहनकर अगर वे घर लौटें तो उनके परिवार के लोग उन्हें पहचान लेंगे और उनके चेहरे बुरे दिखें। फोटो में देख सकते हैं कैसे एक सर्जन सैनिक के चेहरे के आकार का फेस मास्क उसे पहना रहा है।

Author: JAN TV Editorial Team

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