बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी को पार्टी के संसदीय बोर्ड में शामिल नहीं करने के फैसले पर कांग्रेस ने ताना कसा है। कांग्रेस ने कहा कि बीजेपी पार्टी के संस्थापक बुजुर्ग सदस्यों को वृद्धाश्रम भेजने की तैयारी में है। जहां आडवाणी और जोशी सिर्फ बैठकर पार्टी की गतिविधियों केा देखेंगे। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी का कहना है कि बीजेपी के लिए विकास का अर्थ सारी सत्ता और शक्ति एक व्यक्ति के हाथ में सौंपना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वेसर्वा बनाने की दिशा में काम हो रहा है। पूर्व सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने भी इसे आड़े हाथ लेते हुए कहा कि बीजेपी के लिए शायद विकास का अर्थ है कि सारी शक्ति केंद्रीकृत कर एक व्यक्ति के हाथों में सौंपना। वहीं एनसीपी लीडर डी पी त्रिपाठी ने इसे बीजेपी का अंदरुनी मसला कहकर पल्ला झाड़ लिया। उन्होंने कहा कि ये बीजेपी का अंदरुनी मसला है। पार्टी के पुराने वरिष्ठ चेहरों की जगह जिन नए लोगों ने ली है और आगे लेंगे उनका भी पार्टी के लिए अपना महत्व है।
Author: Kamal
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।