26/11 हमले का गवाह नरीमन हाउस बना म्यूजियम, आम जनता के लिए खोला
(India) आतंकवादी हमले के करीब छह साल बाद इस इमारत को खोला गया है। पाकिस्तानी आतंकवादियों ने 26 नवंबर साल 2008 में यहूदी समुदाय के शिक्षा का केंद्र रहे नरीमन हाउस पर हमला किया था जिसमें इस इमारत में रह रहे रब्बी गेवरियल और उनकी पत्नी समेत छह लोग मारे गए थे। इस हमले के बाद से ही इस इमारत को बंद कर दिया गया था। करीब छह साल पहले हुए आतंकी हमले में यह इमारत बुरी तरह से ध्वस्त हो गई थी। यहूदी पर्यटकों को निशाना बनाते हुए आतंकी इस इमारत में घुस आए थे। आज यह इमारत एक म्यूजियम के रूप में आम जनता के लिए खोल दी गई। कड़ी सुरक्षा के बीच कामगारों ने को इस इमारत को अंतिम रूप दिया। आतंकी हमले में रब्बी (यहूदी धर्मगुरू) गवरियर और उनकी पत्नी रेविका की मौत के बाद अब इस भवन की जिम्मेदारी रब्बी इजराइल कोजलोवस्काय और उनकी पत्नी छाया के पास है।नरीमन हाउस को छाबड़ लुबाविच केंद्र के नाम से भी जाना जाता है।
जाने नरीमन हाउस के बारे में
यह पंचमंजिला इमारत आतंकवादियों के हमले समाचारों में आई थी। यह भवन यहूदियों की मदद करने केलिए बनाया गया एक केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में पर्यटक ठहरते हैं। छाबड़-लुबाविच धर्म का पालन करने वाले लगभग 4000 दंपतियों ने विश्व के 73 देश में छाबड़ हाउस खोल रखे हैं। मुंबई के छाबड़ हाउस को चलाने वाले दंपती के आतंकी हमले में मारे जाने के बाद कई देशों से युवा छाबड़-लुबाविच विश्वासी यहां पहुंचे हैं। 2003 में मुंबई में नवविवाहित होल्त्सबर्ग दंपत्ति ने नरीमन हाउस में पहला छाबड़ हाउस खोला था।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।