(JAMMUandKASHMIR, India)
करीब 2500 गांव जलमग्न हो गया। यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, सड़कें, कई पुल पानी के बहाव में बह गए। प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसकी तुलना केदारनाथ की त्रासदी से की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बाढ़ से हुए नुकसान का व्यक्तिगत तौर पर जायजा लेने के लिए रवाना हो गए हैं। सूत्रों ने कहा कि मोदी पहले जम्मू जाएंगे और हवाई सर्वेक्षण करेंगे। बाद में वह कश्मीर जाकर हालात का जायजा लेंगे। समीक्षा बैठक में कैबिनेट सचिव और मोदी के प्रधान सचिव भी मौजूद थे। जम्मू-कश्मीर में आई भीषण बाढ़ में अब तक 150 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। बाढ़ में हुई मौतों पर शोक जताते हुए प्रधानमंत्री ने गुरुवार को मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायल हुए लोगों को 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि मुहैया कराने का ऐलान किया था। जम्मू कश्मीर में बाढ़ की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियानों में शामिल होने को कहा है। भाजपा ने एक बयान में कहा कि शाह ने बाढ़ में लोगों की मौत पर शोक जताया और कहा कि संकट में प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर प्रयास किए जाएंगे। पार्टी महासचिव जे पी नड्डा ने कहा कि चार राज्यों पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और दिल्ली तथा केंद्रशासित चंडीगढ़ के भाजपा सांसदों और विधायकों से राहत एवं बचाव कार्य में मदद करने को कहा गया है। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के साथ शनिवार को राज्य में हालात की समीक्षा की और उमर अब्दुल्ला सरकार को राहत के सभी पहलुओं पर पूरा समर्थन देने का वादा किया। दौरे के बाद राजनाथ ने यहां संवाददाताओं को बताया, अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और घर ढहने की घटनाओं में जम्मू और कश्मीर में 107 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। हालात गंभीर हैं। हमने बर्बादी का मंजर देखा है। राज्य में थलसेना ने भी बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया है और बाढ़ प्रभावित इलाकों में अपनी 100 टुकड़ियां तैनात कर 11000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
Digital Desk: Shiv Kishor
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।